ऋषि दयानन्द ने वैदिक कर्म कांड में जिन मन्त्रों को बताया हैआर्य विद्वान उसे ताक पर रख अपना मन्त्र

आज आर्य समाज में ऋषि की मान्यता से अलग हटकर अपना पांडा गिरी चलाने में आतुर, जिन मन्त्रों को ऋषि ने नहीं लिखा यह लोग उस मन्त्र को बोल कर ऋषि दयानन्द जी को पीछे छोड़ने की होड़ में लगे हैं |