मजहर अहमद को जवाब के साथ खुली चुनौती

Mazher Ahmed

May 30 (4 days ago)
to me

Pandit Mahendra Pal Ji Namaste,

Pandit ji aapke reply ki badi apekha thi, isi silsile me, mai apko fir se ye e mail bhej raha hu, Pandit ji apke computer par apko mera video dikhayi diya ye janna chahta hu, yadi nahi dikhayi de raha hai to Pandit ji apke kisi video ke niche comment ki jaga me mai apne video ki link bhej du kya, krupa karke bataiyye?

Dusri baat Pandit ji ye hai ke, maine apne video me jo kaha wo ye tha, mai ose thoda karke isi e mail me bata raha hu, Pandit ji aap ne apne videos me kaha hai ke Quran wala Allah Nirankar nahi hai, kyuke Quran wale Allah ke aankh (Ainullah), haath (yadullah) aur chehra (wajhullah) hai, ye sharirik ang hai, jisse ye sidh hota hai ke Quran wala Ishwar Sharir dhari hai.

Pandit ji osi maap dand ko yadi Vedo par lagaya jaaye, to Rig Ved me bade famous mantra jise Maha Mrutyunjaye mantra kehte hai, Om Trayambakam Yajamahe Sugandhim Pushti Vardhanaam…., is mantra ke pehle shabd ka anuwaad kiya jaaye yane Trayambakam ka, to uska anuwaad hoga tiin ankh wala, ye bhi to sharirik ang hai, 3 aankh, fir Vedo ka ishwar osi maap dand se nirankaari kaise ho sakta hai?

apke jawab ki apesha me hu.

https://youtu.be/SyqtiOQ4lyQ

Namaste,

Mazher Ahmed Bambai se

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Preview YouTube video Pandit Mahender Pal ji, phir Vedo ka Ishwar Nirankaar kaese ho sakta hae?

Pandit Mahender Pal ji, phir Vedo ka Ishwar Nirankaar kaese ho sakta hae?

Mahender Pal Arya <mparya1983@gmail.com>

8:17 AM (17 minutes ago)
to Mazher

भाई मजहर अहमद साहब आप का शुक्रिया =बात ना होने पर आपने अपना विचार विडिओ बना कर मुझ तक पहुंचाया है ध्न्यवा | आपने जो बोला है उसमें भुत जगह गलत फहमी है > ऋग्वेद को आप ने पुराना का है { मेरा सवाल होगा } पुराना अगर माना है आपने तो आप को यह भी पता होगा की कितना पुराना ? पहले पुराना का हवाला दें | वेद एक ही है =चार है प्रकार =ज्ञान =कर्म =विज्ञान = और उपासना =जो एक एक ऋषि ने अलग अलग करके बताया है | सभी एक साथ है न की आगे पीछे | फिर ऋग्वेद को पुराना किस आधार पर कहा गया ? प्रमाण प्रस्तुत करें |

दूसरी बात है त्रियम्बकम = का अर्थ आपने कहा तीन {3} आँख वाला =आप ने शिव का हवाला दिया | यह मान्यता हमारी नहीं है उसे समझने को आप की जान कारी और बढ़ानी चाहिए तीन आँख नहीं है इसका अर्थ = मैं आप को इसका पूरा मन्त्र सहित अर्थ बताऊंगा |

त्र्यम्‍बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् उर्वारुकमिव बन्‍धनान् मृत्‍योर्मुक्षीय मामृतात् ||
||महा मृत्‍युंजय मंत्र का अर्थ || समस्‍त संसार के पालनहार, तीन नेत्र वाले शिव की हम अराधना करते हैं। विश्‍व में सुरभि फैलाने वाले भगवान शिव मृत्‍यु न कि मोक्ष से हमें मुक्ति दिलाएं।
महामृत्युंजय मंत्र के वर्णो (अक्षरों) का अर्थ महामृत्युंघजय मंत्र के वर्ण पद वाक्यक चरण आधी ऋचा और सम्पुतर्ण ऋचा-इन छ: अंगों के अलग-अलग अभिप्राय हैं।

ओम त्र्यंबकम् मंत्र के 33 अक्षर हैं जो महर्षि वशिष्ठर के अनुसार 33 देवताआं के घोतक हैं। उन तैंतीस देवताओं में 8 वसु 11 रुद्र और 12 आदित्यठ 1 प्रजापति तथा 1 षटकार हैं। इन तैंतीस देवताओं की सम्पूर्ण शक्तियाँ महामृत्युंजय मंत्र से निहीत होती है जिससे महा महामृत्युंजय का पाठ करने वाला प्राणी दीर्घायु तो प्राप्त करता ही हैं। साथ ही वह नीरोग, ऐश्व‍र्य युक्ता धनवान भी होता है। महामृत्युंरजय का पाठ करने वाला प्राणी हर दृष्टि से सुखी एवम समृध्दिशाली होता है। भगवान शिव की अमृतमययी कृपा उस निरन्तंर बरसती रहती है।

यहाँ शिव वह नहीं है जो त्रिशूल धारी है =यहाँ शिव का अर्थ कल्याण कारी है =जो परमात्मा है =परमात्मा के अनेक नामों में शिव एक नाम है उसी परमात्मा के लिए कहा गया है न की त्रिशूल धरी के लिए ?

यह अन्दर हृदय से जो अनुभव करते हैं उसे भी ह्रदय से देखना कहा जाता है = इस अर्थों में =बहार के दो और अन्दर का एक | जिसे तीन आँख कहा गया है | अगर हम यह मान लेते हैं की {ऐनुल्लाह } जब की कुरान में यह शब्द कहीं नहीं आया |  आँख से देखना हो गया =पर वेद में परमात्मा को बातें करते =बैठते =यह सब कहाँ से लायेंगे ? पर यहाँ कुरान भरा पड़ा है देखें >

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تِلْكَ الرُّسُلُ فَضَّلْنَا بَعْضَهُمْ عَلَىٰ بَعْضٍ ۘ مِّنْهُم مَّن كَلَّمَ اللَّهُ ۖ وَرَفَعَ بَعْضَهُمْ دَرَجَاتٍ ۚ وَآتَيْنَا عِيسَى ابْنَ مَرْيَمَ الْبَيِّنَاتِ وَأَيَّدْنَاهُ بِرُوحِ الْقُدُسِ ۗ وَلَوْ شَاءَ اللَّهُ مَا اقْتَتَلَ الَّذِينَ مِن بَعْدِهِم مِّن بَعْدِ مَا جَاءَتْهُمُ الْبَيِّنَاتُ وَلَٰكِنِ اخْتَلَفُوا فَمِنْهُم مَّنْ آمَنَ وَمِنْهُم مَّن كَفَرَ ۚ وَلَوْ شَاءَ اللَّهُ مَا اقْتَتَلُوا وَلَٰكِنَّ اللَّهَ يَفْعَلُ مَا يُرِيدُ [٢:٢٥٣]

यह सब रसूल (जो हमने भेजे) उनमें से बाज़ को बाज़ पर फज़ीलत दी उनमें से बाज़ तो ऐसे हैं जिनसे ख़ुद ख़ुदा ने बात की उनमें से बाज़ के (और तरह पर) दर्जे बुलन्द किये और मरियम के बेटे ईसा को (कैसे कैसे रौशन मौजिज़े अता किये) और रूहुलकुदस (जिबरईल) के ज़रिये से उनकी मदद की और अगर ख़ुदा चाहता तो लोग इन (पैग़म्बरों) के बाद हुये वह अपने पास रौशन मौजिज़े आ चुकने पर आपस में न लड़ मरते मगर उनमें फूट पड़ गई पस उनमें से बाज़ तो ईमान लाये और बाज़ काफ़िर हो गये और अगर ख़ुदा चाहता तो यह लोग आपस में लड़ते मगर ख़ुदा वही करता है जो चाहता है |

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وَالْمَلَكُ عَلَىٰ أَرْجَائِهَا ۚ وَيَحْمِلُ عَرْشَ رَبِّكَ فَوْقَهُمْ يَوْمَئِذٍ ثَمَانِيَةٌ [٦٩:١٧]

और तुम्हारे परवरदिगार के अर्श को उस दिन आठ फ़रिश्ते अपने सरों पर उठाए होंगे |

अनेक जगहों से देखा जा सकता है कुरान में अगर आप मान लेते हैं आंख वाला है =पर बात करना यह वेद में कहाँ है ?

इस प्रकार अनेकों प्रमाण है =आप इसी विषय पर सामने बैठ कर डिबेट करना चाहते हैं तो आपका स्वागत है | आप समय दें =शर्त है की वाकिलसे स्टाम्प पेपर में लिखा पढ़ी करने होंगे | मैं हार गया आपसे तो मैं इस्लाम कुबूल कर लूँगा =आप हरे तो सत्य सनातन वैदिक धर्म को कुबूल कर लेना | आप के जवाब को इंतज़ार करूँगा | धन्यवाद= 3 /6 /18