मानव मात्र का धर्म सृष्टि के आदि से एक ही है |


यह विचार मैन 1906 में नेदरलैंड के देंनहाक शहर के आर्यसभा में दिया था आज किसी मित्र ने मेरे मोबाइल में डाला है आप लोगों तक अपने आचारों को पहुँचारहा हुँ । वैदिक सिद्धान्त के खिलाफ बोलने और चलने वालों का विरोध मैन हमेशा किया है यह उनदिनों में क्या बोला ध्यान से सुनें ।



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