मुसलमान भारत के क्यों और कैसे ?

https://www.youtube.com/watch?v=ea8UulF1m0A&feature=youtu.be&fbclid=IwAR3C8fwoOasofAylOm-By3ltVHDzq7DmJ_wEtYGFMHUVHwC4LwxhIjYWf4E
मेरे विचारों को सुनकर इस्लाम वालों ने क्या कहा इसे देखें –
Khan Nizamuddin
• 4 hours ago (edited)
पंडित जी आपका आदर सम्मान करता हूं आप बुजुर्ग व्यक्ति हैं दुनिया में बहुत सारे धर्म है हर धर्म का व्यक्ति अपने लिए पूजा अर्चना भक्ति नमाज करता है जिसके धर्म में जैसा है रब अल्लाह कहता है जमीन पर कुछ दिन के लिए ठहरने वाले इंसानों तुम सब एक ही मां बाप के संतान हो कोई नीच ऊंच काला गोरा छूत अछूत का भेदभाव नही कर सकता रब कहता है तुम सब हमारे लिए बराबर हो जो हमारे संदेश का पालन करे वह हमारे लिए प्रिय है रब अल्लाह ईश्वर कहता है हमारे संदेश प्रेम से दूसरों तक पहूंचा दो किसी के साथ कोई जोर जबरदस्ती नही अपने धर्म को अपने हिसाब से पालन करें
 
सिर्फ संदेश पहूँचा दो मानना न मानना उनकी मर्जी रब ईश्वर अल्लाह कहता है ऐ जमीन पर कुछ दिनों के लिए ठहरने वाले इंसान तुम हमारे निशानियों पर गौर फिक्र क्यों नही करते जमीन आसमान सूरज चांद पर समंदर पहाड़ दरख्तों के हर तरह के फलों पर दिन रात का आना जाना बारिश का बरसाना हवाओं पर इन हवाओं का रुख बदलने पर जमीन में हर तरह के जानवरों पर ऐ इंसान तुम्हें जिंदगी देकर मौत देता हूं तुम रब के निशानियों पर गौर क्यों नही करते तुम सब हमारे ही तरफ लौट कर आते हो ऐ इंसान अपने आप से सवाल कर पानी के कतरे से इंसानी रूप जिंदगी देकर धरती पर लाया अकड़ के गुरूर करता है ऐ इंसान अपने आप से सवाल कर फिर मुर्दा होने वाला है यही है इस्लाम कि शिक्षा|
पूरे मानव जाति के लिए जो ईश्वर ने पैगंबर मोहम्मद साहब के जरिए सारे इंसानों के लिए है 23 साल में संदेश पूरा हुआ था जिसे कुरआन कहते हैं शुरू में एक व्यक्ति इस्लाम लाए पैगंबर साहब के दुनिया से रुखसत होने के वक्त तक एक लाख से ज्यादा लोग इस्लाम कबूल कर के साथी बन गए थे जिनकी पूरी हिस्ट्री मौजूद है कुरआन कहता है ए ईश्वर रब का संदेश है जो हमने अपने बंदे पैगंबर मोहम्मद साहब पर उतारा जो आखिरी संदेश है ईसाईयों पर मूसा वाले यहूदी पर संदेश आया था तमाम पैगंबर का नाम आया है कि रब ने संदेश भेजा था रब ईश्वर अल्लाह एक है।
सब उसके मोहताज हैं वो किसी का नही। उसने किसी से जन्म नही ली। ना उससे किसी ने जन्म ली। उसके जैसा कोई नही। सब उसी का बनाया हुआ है। उसकी बनाई हुई चीजों से उसे नही जोड़ सकते उसके जैसा कुछ है ही नही आदरणीय पंडित जी आप से सवाल है कि ईश्वर ने वेद किस पर उतारा था वेद में लिखा है कि वेद सूरज से निकला एक जगह पर है कि वेद तालाब से निकला एक जगह है कि वेद पहाड़ से निकला एक जगह पर है कि वेद कूद पड़े हैं पंडित जी आप बताओ ए बात वेदों में है अगर ए बात गलत है तो वेद आया कहाँ से |
 
इसका जवाब सुनिए मियाँ जी +
निजामुद्दीन खान साहब आप ने जो कुछ भी लिका है असत्य ही है कारन ईश्वर और अल्लाह एक नहीं है जिसका प्रमाण दी तो मैंने अपने विचारों में दिया है क्या आप ने उसे ध्यान से नहीं सुना ?
अगर आप मेरे विचारों को ध्यान से सुनेंगे तो एक एक कर सभी बातें समझ में आ जाएगी | मैंने सभी प्रमाण कुरान से ही दिया है आप दोबारा मेरे विचारों को सुनिए -और जरूरत सक्झें तो समे बैठ कर इस पर हम चर्चा भी कर सकते हैं अगर आप उचित समझें तो समय निकालें सत्य और असत्य का निर्णय हो जाये मैं प्रतीक्षा में हूँ समय दें आप | महेन्द्रपाल आर्य – २० /१/२०२०
 
Nadim Anjan
• 5 hours ago
पंडित जी आप की बातों में दम तो है। आपने हमें कुछ ज़्यादा ही असमंजस में डाल दिया।
REPLY0 replies नादिम साहब आप पढ़े लिखे इंसान है अपने दिकाम पर जोर लगायें और सत्य असत्य का निर्णय करें मानवता इसी में है | महेंद्र पाल आर्य २० /१ /२०२०
 
noor mohammed
• 6 hours ago
Ye muslims log jo duwa maang rahe hai allahu hu mane hai khali allah walla koi hai hi nahi muslims log bharat me layeq hi nahi ek qanoon paas kar ke bharat se nikaal dena hoga
अरे मियां नूर मुहम्मद साहब मैंने जो बोला है उसे जरा ध्यान से सुनिए तभी सच्चाई को जान सकते हैं मैंने सभी बातें प्रमाण के सार्थ प्रस्तुत किया है सत्य का सामना करना हो तो सामने आयें स्वागत है | महेन्द्रपाल आर्य -२० /१ /२०२०